Chupke Se Di Di Chudai Kahani – राहुल एक २५ साल का युवक था, जो दिल्ली के एक छोटे से इलाके में रहता था। उसके भाई अजय की शादी को दो साल हो चुके थे, और अजय की पत्नी नेहा, जो राहुल के लिए दीदी थी, घर की जान थी। नेहा २८ साल की खूबसूरत औरत थी, लंबे काले बाल, गोरा रंग, और एक ऐसा फिगर जो किसी को भी दीवाना बना दे। उसके ३६-२८-३८ के माप उसके साड़ी में और भी आकर्षक लगते थे। राहुल हमेशा से नेहा को चुपके से घूरता रहता था, खासकर जब वो किचन में काम करती या स्नान करती। लेकिन वो कभी कुछ कह नहीं पाया, क्योंकि अजय घर का मुखिया था और नेहा उसकी पत्नी।
एक शाम, अजय को अचानक ऑफिस से कॉल आया कि उसे मुंबई जाना पड़ेगा, कम से कम एक हफ्ते के लिए। नेहा उदास हो गई, लेकिन राहुल के मन में कुछ और ही चल रहा था। रात को डिनर के बाद, जब अजय सामान पैक कर रहा था, नेहा राहुल से बोली, “राहुल, तुम्हें कोई दिक्कत तो नहीं अगर भैया चले जाएँ? घर संभालना पड़ेगा।” राहुल ने मुस्कुराते हुए कहा, “दीदी, बिल्कुल नहीं। मैं तो यहीं हूँ ना। सब ठीक रहेगा।” उसके दिल में एक उत्तेजना सी दौड़ गई।
अगली सुबह अजय चला गया। घर में सिर्फ राहुल और नेहा थे। नेहा ने चाय बनाई और राहुल के कमरे में लाई। वो साड़ी में थी, जिसमें उसके ब्लाउज से उसके स्तन उभरे हुए दिख रहे थे। राहुल ने चाय पीते हुए नेहा की कमर पर नजर डाली। नेहा ने नोटिस किया, लेकिन कुछ बोली नहीं। दिन भर घर के कामों में व्यस्त रहने के बाद, शाम को नेहा ने कहा, “राहुल, आज थोड़ा थक गई हूँ। तुम डिनर बना दोगे?” राहुल सहमत हो गया और किचन में घुस गया।
रसोई में काम करते हुए, नेहा पीछे से आई और राहुल के कंधे पर हाथ रखा। “तुम अच्छे हो राहुल, हमेशा मदद करते हो।” उसकी सांस राहुल की गर्दन पर लगी, और राहुल का लंड तुरंत खड़ा हो गया। वो मुड़ा, नेहा की आँखों में देखा। नेहा की साड़ी का पल्लू थोड़ा सरक गया था, उसके चूड़ीदार ब्लाउज में उसके निप्पल्स साफ दिख रहे थे। राहुल ने हिम्मत जुटाई और नेहा का हाथ पकड़ लिया। “दीदी, आप बहुत खूबसूरत हो।” नेहा शर्मा गई, लेकिन पीछे नहीं हटी।
उस रात, दोनों डिनर के बाद टीवी देख रहे थे। नेहा सोफे पर थी, राहुल उसके बगल में। फिल्म में एक रोमांटिक सीन आया, जहाँ हीरोइन को चूमा जा रहा था। नेहा की साँसें तेज हो गईं। राहुल ने धीरे से नेहा का हाथ थामा। नेहा ने देखा, लेकिन कुछ नहीं कहा। राहुल ने हिम्मत बढ़ाई और नेहा के कंधे पर हाथ रखा। नेहा मुड़ी, उनकी नजरें मिलीं। राहुल ने झुककर नेहा के होंठों पर चूम लिया। नेहा पहले चौंकी, लेकिन फिर जवाब दिया। उनका चुंबन गहरा हो गया, जीभें आपस में लिपट गईं।
राहुल ने नेहा को गोद में उठाया और उसके बेडरूम में ले गया। बेड पर लिटाते ही, उसने नेहा की साड़ी खींचनी शुरू कर दी। नेहा सिसकारी भर रही थी, “राहुल, ये गलत है… अजय को पता चलेगा तो…” लेकिन राहुल ने उसके होंठ सिलवा दिए। साड़ी उतर गई, अब नेहा सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी। राहुल ने ब्लाउज के हुक खोले, नेहा के बड़े-बड़े स्तन बाहर आ गए। वो काले ब्रा में थे, लेकिन राहुल ने ब्रा भी उतार दी। नेहा के गुलाबी निप्पल्स सख्त हो चुके थे। राहुल ने एक निप्पल मुंह में ले लिया और चूसने लगा। नेहा की चीख निकल गई, “आह… राहुल…” उसके हाथ राहुल के बालों में फंस गए।
राहुल ने दूसरे स्तन को भी चूसा, फिर नेहा के पेटीकोट को नीचे सरका दिया। नेहा की चूत साफ दिख रही थी, बालों से ढकी हुई। राहुल ने अपनी शर्ट उतारी, पैंट खोली। उसका मोटा लंड बाहर आ गया, ७ इंच लंबा और सख्त। नेहा ने देखा और शर्मा गई, लेकिन उसकी आँखें चमक उठीं। राहुल ने नेहा की टांगें फैलाईं और चूत पर जीभ रख दी। नेहा का शरीर काँप उठा। वो चिल्लाई, “ओह… राहुल… वहाँ मत…” लेकिन राहुल ने चूत चाटना जारी रखा। उसकी जीभ क्लिटोरिस पर घूम रही थी, नेहा का रस बहने लगा।
नेहा अब बेकाबू हो गई। उसने राहुल का लंड पकड़ा और सहलाने लगी। “ये कितना बड़ा है…” राहुल ने कहा, “दीदी, इसे अपनी चूत में ले लो।” नेहा ने सिर हिलाया। राहुल ने लंड को चूत पर रगड़ा, फिर धीरे से अंदर डाल दिया। नेहा की चीख गूंजी, “आह… दर्द हो रहा है…” लेकिन राहुल ने पूरा लंड अंदर ठूंस दिया। अब वो चोदने लगा, धीरे-धीरे। नेहा की चूत गीली थी, लंड आसानी से सरक रहा था। स्पीड बढ़ी, कमरा ठप्पड़ों की आवाज से गूंज उठा। नेहा चिल्ला रही थी, “हाँ राहुल… चोदो मुझे… तेज़…” राहुल ने उसके स्तनों को मसलते हुए चुदाई जारी रखी।
करीब १० मिनट बाद, राहुल ने स्पीड और बढ़ाई। नेहा का शरीर काँपने लगा, वो झड़ने वाली थी। “राहुल… मैं… आ रही हूँ…” उसकी चूत सिकुड़ गई, रस छूटा। राहुल भी सहन न सका, उसने लंड बाहर निकाला और नेहा के पेट पर वीर्य छोड़ दिया। दोनों पसीने से तर थे, नेहा राहुल को गले लगा ली। “ये राज़ रहेगा, ठीक है?” राहुल ने हामी भरी।
अगले दिन सुबह, नेहा उठी तो शर्मा रही थी। लेकिन राहुल ने किचन में आकर फिर उसे चूम लिया। नेहा हँसी, “पागल हो तुम।” दिन भर दोनों चुपके से एक-दूसरे को छूते रहे। शाम को नेहा ने कहा, “आज बाथरूम में चलो।” राहुल उत्साहित हो गया। बाथरूम में नेहा नंगी हो गई। उसने राहुल का लंड मुंह में लिया और चूसने लगी। ब्लोजॉब इतना अच्छा था कि राहुल की कमर सीधी हो गई। “दीदी… आह…” नेहा की जीभ लंड की चोटी पर घूम रही थी, वो गले तक ले जाती। राहुल ने नेहा के बाल पकड़े और मुंह चोदने लगा। फिर नेहा को दीवार से सटा दिया और पीछे से चूत में लंड डाल दिया। डॉगी स्टाइल में चुदाई शुरू हो गई। पानी बह रहा था, लेकिन उनकी चीखें दब रही थीं। नेहा बोली, “राहुल, गहरा… हाँ…” राहुल ने उसके गांड पर थप्पड़ मारे, चुदाई तेज़ की।
रात को बेड पर, नेहा ने राहुल को ऊपर बिठाया। वो काउगर्ल पोजीशन में लंड पर बैठ गई। उसके स्तन उछल रहे थे, राहुल ने उन्हें चूसे। नेहा ऊपर-नीचे हो रही थी, चूत लंड को निचोड़ रही थी। “चोदो दीदी… हाँ…” राहुल के हाथ नेहा की कमर पर थे। वो झड़ी, फिर राहुल ने नीचे से धक्के मारे और कम में वीर्य छोड़ दिया। नेहा थककर लेट गई।
तीसरे दिन, नेहा ने राहुल को पार्क ले जाने को कहा। पार्क में एक सुनसान जगह पर, नेहा ने राहुल का लंड पैंट से बाहर निकाला और चूसने लगी। राहुल डर रहा था, लेकिन उत्तेजना ज्यादा थी। “दीदी, कोई देख लेगा…” नेहा बोली, “चुप…” फिर वो झाड़ी के पीछे गई, स्कर्ट ऊपर की और राहुल को चोदने को कहा। राहुल ने खड़े होकर चूत में लंड डाला। आउटडोर चुदाई का मजा कुछ और था। नेहा दबे स्वर में सिसकार रही थी। राहुल ने जल्दी-जल्दी चोदा और कम से बाहर निकालकर नेहा की चूत पर रगड़ दिया।
चौथे दिन, घर पर ही नेहा ने राहुल को बांध लिया। “आज मैं कंट्रोल करूंगी।” उसने राहुल का लंड बाँधा, फिर चूत पर रगड़ा लेकिन अंदर नहीं डाला। राहुल तड़प रहा था। नेहा हँस रही थी, “बस थोड़ा और…” आखिरकार उसने लंड अंदर लिया और सवार हो गई। चुदाई में नेहा ने राहुल के निप्पल्स चूसे, उसके लंड को चूत से निचोड़ा। राहुल चिल्लाया, “दीदी… झड़ जाऊंगा…” नेहा ने कहा, “अंदर ही छोड़ दो।” राहुल ने चूत में ही कम किया। नेहा की चूत वीर्य से भर गई।
पांचवें दिन, नेहा ने गांड मरवाई। “राहुल, आज पीछे से…” राहुल ने तेल लगाया, नेहा की गांड में उंगली डाली। नेहा दर्द से सिसकी, लेकिन बोली, “डालो…” राहुल ने लंड की चोटी गांड पर रखी, धीरे से दबाई। नेहा चीखी, “आह… फट जाएगी…” लेकिन पूरा लंड अंदर चला गया। राहुल ने धीरे-धीरे चोदा, नेहा की चूत को उंगली से सहलाया। स्पीड बढ़ी, नेहा बोली, “हाँ… गांड चोदो…” राहुल ने जोर-जोर से धक्के मारे, आखिर में गांड में ही वीर्य छोड़ा।
छठे दिन, दोनों थक चुके थे, लेकिन फिर भी चुदाई हुई। नेहा ने राहुल को मालिश की, फिर ६९ पोजीशन में एक-दूसरे को चाटा। राहुल ने नेहा की चूत चाटी, नेहा ने लंड चूसा। फिर मिशनरी में चोदा। नेहा की टांगें राहुल के कंधों पर, गहराई ज्यादा। “राहुल… प्यार करता है मुझसे?” “हाँ दीदी… बहुत।” चुदाई के बाद दोनों सो गए।
सातवें दिन अजय लौटने वाला था। नेहा उदास थी। आखिरी रात, उन्होंने जंगली चुदाई की। राहुल ने नेहा को बेड पर पटका, चूत, गांड, मुंह सब चोदा। नेहा चिल्ला रही थी, “चोदो… हमेशा चोदो…” राहुल ने तीन बार कम किया। सुबह नेहा ने कहा, “ये राज़ रहेगा, लेकिन कभी-कभी चुपके से मिलेंगे।” राहुल मुस्कुराया।
अजय लौटा, सब नॉर्मल लग रहा था। लेकिन राहुल और नेहा की नजरें मिलतीं, तो एक मुस्कान आ जाती। चुपके से दीदी की चुदाई कहानी जारी थी, घर के कोनों में, रातों में। नेहा की चूत हमेशा राहुल के लंड के लिए गीली रहती। कभी किचन में, कभी बाथरूम में, कभी अजय सोते हुए बगल में ही। उनकी भूख कभी न मिटती। राहुल सोचता, ये चुदाई का राज़ कितना मीठा है।