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Sali Ki Chut Me Lund Pelkar Maja Liya

Published On: March 23, 2026
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Sali Ki Chut Me Lund Pelkar Maja Liya – हाय दोस्तो.. मेरा नाम आशु है। मैं ग्वालियर का रहने वाला हूँ और आज मैं अपनी कहानी भेज रहा हूँ। मजा लीजिए।

मेरा नाम आशु है, और मैं ग्वालियर के एक छोटे से मोहल्ले में रहता हूँ। उम्र है 28 साल की, नौकरी करता हूँ एक प्राइवेट कंपनी में। जिंदगी सामान्य चल रही थी, लेकिन एक दिन सब कुछ बदल गया जब मेरी शादी हो गई। मेरी पत्नी का नाम नेहा है, एकदम सादी-सादी सी लड़की, लेकिन उसकी छोटी बहन रिया ने तो मेरी जिंदगी में तूफान ला दिया। रिया, 24 साल की, कॉलेज में पढ़ती है, और उसका चेहरा देखकर लगता है जैसे कोई परी उतर आई हो। लंबे बाल, काली आँखें, और वो मुस्कान जो दिल को छू जाती है। नेहा की शादी के बाद रिया अक्सर हमारे घर आती-जाती रहती। शुरू में तो सब कुछ भाई-बहन जैसा था, लेकिन धीरे-धीरे रिया की नजरें मुझ पर ठहरने लगीं।

शादी को हुए छह महीने ही बीते थे। एक शाम को नेहा को उसके मायके जाना पड़ा। उसके पिताजी बीमार थे, तो वो एक हफ्ते के लिए चली गई। घर में अकेला रहना पड़ा मुझे। रिया ने फोन किया, ‘भैया, दीदी गई हैं ना? मैं आ जाऊँ क्या? घर में अकेले बोर हो जाओगे।’ मैंने हामी भर ली। शाम को वो आ गई, हाथ में कुछ सामान लेकर। ‘भैया, मैं खाना बना दूँगी। आप आराम करो।’ उसकी आवाज में एक मिठास थी जो सुनकर मन प्रसन्न हो गया।

रात को हमने साथ खाना खाया। रिया ने साड़ी पहनी थी, हल्की सी पिंक कलर की, जो उसके गोरे रंग पर चमक रही थी। खाते-खाते हम बातें करने लगे। ‘भैया, दीदी तो बहुत सख्त हैं ना? कभी मजे नहीं लेने देतीं।’ उसने शरारत से कहा। मैं हँस पड़ा, ‘अरे, वैसी ही हैं जैसे तू है।’ रात गहराने लगी। रिया बोली, ‘भैया, मैं आज यहीं रुक जाऊँ? घर लौटना मुश्किल है।’ मैंने सहमति दे दी।

रात के 11 बज गए। मैं बेडरूम में लेटा था, लेकिन नींद नहीं आ रही थी। अचानक दरवाजा खुला और रिया अंदर आ गई। वो नाइट गाउन पहने थी, जो उसके कर्व्स को हल्का सा उभार रहा था। ‘भैया, डर लग रहा है। क्या मैं आपके साथ सो सकती हूँ?’ उसकी आँखें नम थीं। मैंने जगह बना दी। वो बिस्तर पर लेट गई, मेरे बगल में। उसकी साँसें मेरे कंधे पर लग रही थीं। धीरे-धीरे उसका हाथ मेरी कमर पर चला गया। ‘भैया, आप कितने अच्छे हो।’ वो फुसफुसाई।

मैं पलटा, उसकी आँखों में देखा। वो आग की तरह जल रही थीं। ‘रिया, ये ठीक नहीं।’ मैंने कहा, लेकिन मेरा दिल धड़क रहा था। वो करीब आई, उसके होंठ मेरे होंठों से सट गए। एक हल्का सा चुम्बन, जो जल्दी ही गहरा हो गया। उसकी जीभ मेरी जीभ से खेलने लगी। मैंने उसे गले लगा लिया। उसके स्तन मेरी छाती से दब रहे थे, नरम और गर्म। ‘भैया, मुझे प्यार करो। दीदी को मत बताना।’ वो बोली।

मैंने उसकी नाइट गाउन की पट्टी खींच दी। वो नंगी हो गई। उसके स्तन गोल थे, गुलाबी निप्पल्स तने हुए। मैंने उन्हें चूमा, चूसा। रिया सिसकारी भरने लगी। ‘आह… भैया… कितना अच्छा लग रहा है।’ मेरा हाथ नीचे सरक गया, उसकी चूत पर। वो गीली थी, गर्म। उँगलियाँ अंदर डाल दीं, वो तड़प उठी। ‘भैया… और… तेज़ करो।’ मैंने उँगलियाँ हिलाईं, उसकी चूत से रस बहने लगा।

रिया ने मेरी पैंट उतार दी। मेरा लंड खड़ा था, कठोर। वो उसे पकड़कर सहलाने लगी। ‘वाह भैया, कितना बड़ा है।’ फिर वो झुक गई, लंड को मुँह में ले लिया। चूसने लगी, जीभ से चाटने लगी। मैं सिहर उठा। ‘रिया… उफ्फ… क्या कर रही हो।’ दस मिनट तक उसने ऐसा किया, फिर मैंने उसे पीछे धकेला। ‘अब मेरी बारी।’ मैंने कहा।

मैंने उसे लिटा दिया। पैर फैला दिए। उसकी चूत गुलाबी थी, रस से चमक रही। मैंने लंड को चूत पर रगड़ा। ‘भैया… डाल दो… प्लीज।’ रिया कराह रही थी। मैंने धक्का दिया। लंड आधा अंदर चला गया। वो चीखी, ‘आह… दर्द हो रहा है।’ मैं रुका, फिर धीरे-धीरे आगे बढ़ा। पूरी तरह अंदर। उसकी चूत मेरे लंड को कसकर जकड़ रही थी। मैंने पेलना शुरू किया। धीरे-धीरे, फिर तेज़। रिया के होंठ काट रही थी, आनंद से। ‘भैया… हाँ… ऐसे ही… मजा आ रहा है।’

हमने पोजीशन बदली। रिया ऊपर आ गई। वो मेरे लंड पर उछलने लगी। उसके स्तन लहरा रहे थे। मैंने उन्हें पकड़ लिया, निप्पल्स चूसे। ‘रिया… तू कितनी हॉट है।’ वो तेज़ चली, चूत लंड को निगल रही थी। पसीना दोनों पर था, कमरा कराहों से गूँज रहा था। आखिरकार, मैंने झड़ना महसूस किया। ‘रिया… आ रहा हूँ।’ वो बोली, ‘भैया… अंदर ही डाल दो।’ मैंने कमर पकड़ ली, जोर का धक्का दिया। गर्म वीर्य उसकी चूत में बह गया। रिया भी काँप उठी, उसका रस बहा।

हम दोनों थककर लेट गए। रिया मेरे सीने पर सिर रखकर बोली, ‘भैया, ये हमारा राज रहेगा। लेकिन फिर करना।’ मैंने हामी भरी। नेहा लौटी तो सब सामान्य हो गया, लेकिन रिया के आने पर चोरी-छिपे पल मिलते रहे। एक बार नेहा घर पर थी, लेकिन रसोई में व्यस्त। रिया मुझे बुला ले गई बाथरूम में। ‘भैया, जल्दी।’ उसने साड़ी ऊपर चढ़ाई, चूत पर लंड रखा। मैंने तेज़-तेज़ पेला। वो दबाकर सिसकार रही थी। ‘आह… भैया… कमाल है।’ पाँच मिनट में ही झड़ गए दोनों।

धीरे-धीरे हमारा रिश्ता गहरा होता गया। रिया ने कहा, ‘भैया, मैं तुम्हें बहुत प्यार करती हूँ। दीदी से ज्यादा।’ मैं भी महसूस करने लगा कि नेहा के साथ वो आग नहीं है जो रिया में है। लेकिन परिवार के लिए चुप रहा। एक वीकेंड पर नेहा मायके गई, रिया दो दिन के लिए रुकी। हमने पूरा समय साथ बिताया। सुबह से शाम तक।

पहली रात, हम बगीचे में गए। चाँदनी रात थी। रिया ने साड़ी उतार दी। नंगी होकर मुझे चूमा। ‘भैया, आज रोमांटिक बनो।’ मैंने उसे घास पर लिटाया। पूरे बदन को चूमा। पैरों से शुरू करके चूत तक। जीभ से चाटा, क्लिट को चूसा। रिया तड़प रही थी। ‘भैया… मार डालोगे… अंदर डालो।’ मैंने लंड डाला, धीरे-धीरे पेला। चाँदनी में उसके चेहरे की चमक देखकर दिल भर आया। ‘रिया, तू मेरी जान है।’ हम घंटों चुदाई करते रहे, अलग-अलग पोज में। डॉगी स्टाइल में, उसकी गांड पकड़कर पेला। चूत से आवाजें आ रही थीं, चपचप।

दूसरे दिन सुबह, किचन में। रिया नंगी खड़ी थी, चाय बना रही। मैं पीछे से आया, लंड चूत में डाल दिया। वो झुक गई, काउंटर पकड़ लिया। ‘भैया… हाँ… ऐसे ही।’ मैंने तेज़ धक्के दिए। उसके स्तन हिल रहे थे। चाय का गिलास गिर गया, लेकिन हम रुके नहीं। झड़ने के बाद वो मुड़ी, मुझे चूमा। ‘भैया, हर रोज़ ऐसा हो तो जिंदगी लगे।’

लेकिन ये राज कब तक छिपा रहता? एक दिन नेहा को शक हो गया। रिया के आने पर वो चिढ़ने लगी। ‘तुम दोनों में क्या चल रहा है?’ नेहा ने पूछा। मैंने इंकार किया, लेकिन रिया ने कबूल कर लिया। ‘दीदी, सॉरी। लेकिन भैया मुझे प्यार करते हैं।’ नेहा रो पड़ी। घर में झगड़ा हुआ। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से, नेहा ने माफ़ कर दिया। ‘अगर दोनों खुश हैं, तो मैं क्या करूँ। लेकिन अलग रहना पड़ेगा।’

रिया ने कॉलेज खत्म किया, नौकरी लग गई। वो अलग फ्लैट ले लिया, लेकिन हर वीकेंड आती। हमारा प्यार और गहरा हो गया। अब चुदाई में रोमांस है, भावनाएँ हैं। एक रात, बेड पर लेटे हुए, रिया बोली, ‘भैया, मैं तुम्हारी साली हूँ, लेकिन पत्नी भी बन जाऊँगी।’ मैंने उसे चूमा, लंड फिर खड़ा हो गया। चूत में डाला, पेला। इस बार धीरे-धीरे, प्यार से। उसके कराहने में संगीत था।

दोस्तो, ये मेरी कहानी है। साली की चूत में लंड पेलकर लिया मजा, लेकिन उसके साथ प्यार भी मिला। जिंदगी अब रंगीन है। अगर ऐसी साली मिले तो किस्मत वालों को। मजा लीजिए, और अपनी कहानियाँ शेयर कीजिए।

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