Bus Sleeper Chudai Sex Story रात के अंधेरे में, दिल्ली से जयपुर जाने वाली वॉल्वो बस स्टेशन पर खड़ी थी। हवा में ठंडक घुली हुई थी, और यात्रियों की भीड़ धीरे-धीरे बस में चढ़ रही थी। अमित, एक 28 साल का युवक, जो अपनी नौकरी के सिलसिले में यात्रा कर रहा था, अपनी सीट की तलाश में आगे बढ़ा। उसकी आंखें बस के स्लीपर बर्थ पर पड़ीं, जहां ऊपरी और निचली बर्थ्स एक-दूसरे से सटी हुई थीं। वह ऊपरी बर्थ चुनना चाहता था, ताकि अकेले में सो सके।
बस में चढ़ते ही उसकी नजर नीचे वाली बर्थ पर बैठी एक लड़की पर पड़ी। उसका नाम था नेहा, 25 साल की, जो अपनी सहेली के साथ जयपुर जा रही थी। नेहा की सहेली आखिरी मिनट पर बीमार पड़ गई थी, इसलिए वह अकेली ही सफर कर रही थी। नेहा की काली आंखें, लंबे बाल और टाइट जींस ने अमित का ध्यान खींच लिया। वह नीली टॉप पहने हुए थी, जो उसके कर्व्स को हल्का सा उभार रही थी। अमित ने अपनी बैग रखी और ऊपरी बर्थ पर चढ़ गया, लेकिन मन ही मन सोच रहा था कि यह सफर कितना लंबा होगा।
बस स्टार्ट हुई और रात के 10 बजे के आसपास सड़क पर दौड़ने लगी। लाइट्स धीरे-धीरे बंद हो गईं, और स्लीपर बर्थ्स में कर्टेन डाल दिए गए। अमित लेटा हुआ मोबाइल स्क्रॉल कर रहा था, लेकिन नीचे से हल्की सी आवाज आ रही थी। नेहा बेचैन हो रही थी, शायद नींद न आ रही हो। अमित ने कर्टेन से झांककर देखा, नेहा फोन पर किसी से बात कर रही थी। उसकी आवाज मधुर थी, लेकिन थकी हुई लग रही थी।
अचानक बस एक गड्ढे पर उछली, और अमित का फोन नीचे गिर गया। वह झुककर देखा, तो नेहा ने फोन उठा लिया। “भाई साहब, आपका फोन?” नेहा ने ऊपर देखते हुए कहा। अमित मुस्कुराया, “हां, शुक्रिया।” वह नीचे उतरा और नेहा के बगल में बैठ गया। “स्लीपर में अकेले सफर मुश्किल होता है, है ना?” अमित ने बात शुरू की। नेहा ने सिर हिलाया, “हां, पहली बार अकेले। सहेली छूट गई।” दोनों की बातें चलने लगीं। अमित ने बताया कि वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, नेहा ने कहा कि वह टीचर है।
रात गहराने लगी। बस की स्पीड कम हो गई थी, क्योंकि हाईवे पर ट्रैफिक था। नेहा ने कहा, “मुझे नींद नहीं आ रही। क्या आप ऊपर से कुछ पानी दे सकते हैं?” अमित ने पानी की बोतल दी, लेकिन हाथ छूते ही एक करंट सा लगा। नेहा की उंगलियां नरम थीं। अमित ने हिम्मत जुटाई, “अगर मन न लगे तो बातें करते हैं।” नेहा सहमत हो गई। वे पुरानी फिल्मों, गानों पर बात करने लगे। धीरे-धीरे बातें पर्सनल हो गईं। नेहा ने बताया कि उसका बॉयफ्रेंड उसे छोड़ गया था, अमित ने कहा कि वह सिंगल है।
बस एक ढाबे पर रुकी। यात्रियों ने चाय पी, लेकिन अमित और नेहा अपनी बर्थ पर ही रुक गए। ढाबे की लाइट्स से बर्थ में हल्की रोशनी आ रही थी। अमित ने नेहा की आंखों में देखा, “तुम्हारी आंखें बहुत खूबसूरत हैं।” नेहा शरमाई, लेकिन बोली, “तुम भी कम नहीं।” हवा में एक अजीब सा तनाव था। अमित का हाथ नेहा के हाथ पर चला गया। नेहा ने नहीं हटाया। बस फिर चल पड़ी, और कर्टेन बंद हो गया।
अमित ने धीरे से नेहा का हाथ थामा। नेहा की सांसें तेज हो गईं। “क्या कर रहे हो?” नेहा ने फुसफुसाया। अमित ने कहा, “बस, सहारा दे रहा हूं।” लेकिन उसका हाथ नेहा की कमर पर सरक गया। नेहा की बॉडी गर्म हो रही थी। अमित ने उसे अपनी ओर खींचा, और उनके होंठ मिल गए। नेहा ने पहले तो हिचकिचाई, लेकिन फिर अमित के चुंबन में डूब गई। अमित की जीभ नेहा के मुंह में घुस गई, और वे गहरा किस करने लगे। नेहा की सांसें उखड़ रही थीं।
अमित ने नेहा के टॉप को ऊपर किया, और उसके ब्रा को छुआ। नेहा की चूचियां सख्त हो चुकी थीं। अमित ने ब्रा को साइड किया और नेहा की एक चूची को मुंह में ले लिया। नेहा ने कराह ली, “आह… अमित…” अमित चूसने लगा, जीभ से चूची के निप्पल को चाटता हुआ। नेहा का हाथ अमित की पैंट पर गया, जहां उसका लंड सख्त हो चुका था। नेहा ने जिप खोली और लंड को बाहर निकाला। वह मोटा और लंबा था, नसें फूली हुईं। नेहा ने उसे सहलाया, फिर मुंह में ले लिया।
अमित की सिसकारियां निकलने लगीं। नेहा ब्लोजॉब दे रही थी, जीभ से लंड के सिरे को चाटती हुई। अमित ने नेहा के बाल पकड़े और सिर को दबाया। नेहा गले तक लंड ले रही थी, लार टपक रही थी। बस की हलचल से उनका बेड हिल रहा था, लेकिन उन्हें फर्क नहीं पड़ रहा था। अमित ने नेहा को ऊपर उठाया और उसकी जींस उतार दी। नेहा की पैंटी गीली थी। अमित ने पैंटी को साइड किया और नेहा की चूत को छुआ। वह रस से भरी हुई थी।
अमित ने दो उंगलियां चूत में डाल दीं। नेहा चीखी, लेकिन कर्टेन से दबा ली। “धीरे…” नेहा बोली। अमित उंगलियों से चूत को सहला रहा था, क्लिट को रगड़ रहा था। नेहा की कमर उभरने लगी। अमित ने जीभ नीचे की और चूत को चाटना शुरू किया। नेहा की टांगें फैल गईं, वह अमित के सिर को दबा रही थी। अमित की जीभ चूत के होंठों पर घूम रही थी, फिर अंदर घुस रही थी। नेहा का रस अमित के मुंह में आ रहा था।
अब अमित नहीं रुक सका। उसने कंडोम नहीं था, लेकिन नेहा ने कहा, “बस डाल दो…” अमित ने लंड को चूत पर रगड़ा, फिर धक्का दिया। नेहा की चूत टाइट थी, लंड मुश्किल से घुसा। नेहा दर्द से सिकुड़ी, लेकिन अमित ने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए। बस की गति से उनके धक्के ताल में आ गए। अमित ने नेहा की चूचियां दबाईं, निप्पल्स को चूसा। नेहा कराह रही थी, “हां… जोर से… चोदो मुझे…”
अमित ने स्पीड बढ़ाई। लंड चूत में पूरी तरह घुस रहा था, बाहर आ रहा था। चूत का रस लंड पर चिपक रहा था। नेहा की चीखें दबी हुईं थीं, लेकिन आनंद से भरीं। अमित ने नेहा को डॉगी स्टाइल में घुमाया। बर्थ छोटी थी, लेकिन वे मैनेज कर लिए। अमित पीछे से लंड डाला, नेहा की गांड को थपथपाया। धक्के तेज हो गए। नेहा का मुंह कर्टेन में दबा था, “आह… अमित… मैं आ रही हूं…” नेहा का ऑर्गेज्म आया, चूत सिकुड़ गई।
अमित अभी नहीं रुका। उसने नेहा को फिर मिशनरी में लिटाया। लंड चूत में घुसाया और जोर-जोर से चोदने लगा। नेहा की टांगें अमित की कमर पर लिपटीं। अमित की गेंदें नेहा की गांड से टकरा रही थीं। आखिरकार अमित भी झड़ने लगा। “नेहा… ले लो…” अमित ने चूत में ही स्पर्म छोड़ दिया। दोनों पसीने से तर थे, सांसें तेज।
वे लेटे रहे, एक-दूसरे को गले लगाए। लेकिन रात अभी बाकी थी। थोड़ी देर बाद, नेहा ने अमित का लंड फिर सहलाया। वह फिर सख्त हो गया। इस बार नेहा ऊपर चढ़ गई। वह काउगर्ल पोजीशन में लंड पर बैठी, चूत में ले लिया। नेहा ऊपर-नीचे हो रही थी, चूचियां उछल रही थीं। अमित नीचे से कमर पकड़कर धक्के मार रहा था। नेहा की चूत फिर गीली हो गई। वे दूसरी बार चुदाई कर रहे थे, इस बार और जुनूनी।
बस सुबह के करीब पहुंच रही थी। उन्होंने तीसरी बार ट्राई किया, इस बार नेहा की गांड पर। अमित ने नेहा की गांड को चाटा, फिर लंड को सलाइवा से गीला किया। नेहा डर रही थी, लेकिन उत्साहित। लंड धीरे से गांड में घुसा। नेहा दर्द से कांपी, लेकिन अमित ने धीरे-धीरे किया। फिर स्पीड बढ़ी। गांड की चुदाई ने नेहा को नया आनंद दिया। अमित ने गांड में झड़ दिया।
सुबह होते ही बस जयपुर पहुंच गई। अमित और नेहा ने नंबर एक्सचेंज किए। नेहा बोली, “यह सफर यादगार रहा।” अमित मुस्कुराया, “अगली बार मिलेंगे।” वे अलग हुए, लेकिन उनकी रात की यादें हमेशा बनी रहीं।