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Shadishuda Didi Ne Bhai Ko Chodna Sikhaya

Published On: March 23, 2026
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Shadishuda Didi Ne Bhai Ko Chodna Sikhaya राहुल घर के पुराने कमरे में बैठा था, अपनी किताबों के बीच खोया हुआ। वह कॉलेज का पहला साल था, लेकिन उसकी जिंदगी में अभी तक कोई रोमांच नहीं आया था। लड़कियां उसे देखतीं, लेकिन वह शर्माता और पीछे हट जाता। आजकल उसके मन में कुछ अजीब सी उत्तेजना होती थी, खासकर जब वह इंटरनेट पर छिपकर वीडियो देखता। लेकिन असल जिंदगी में, वह बिल्कुल अनाड़ी था।

तभी दरवाजे की घंटी बजी। राहुल ने दरवाजा खोला तो सामने उसकी दीदी प्रिया खड़ी थी। प्रिया की शादी को दो साल हो चुके थे, और वह अपने पति के साथ शहर में रहती थी। लेकिन आज वह अकेली आई थी, क्योंकि उसका पति काम से बाहर था। प्रिया 28 साल की थी, गोरी, लंबी कद-काठी वाली, और उसकी आंखों में हमेशा एक शरारती चमक रहती। वह साड़ी पहने थी, जो उसके कर्व्स को खूबसूरती से उभार रही थी।

“अरे राहुल, तू तो बड़ा हो गया!” प्रिया ने हंसते हुए कहा और उसे गले लगा लिया। राहुल ने भी उसे गले लगाया, लेकिन उसके शरीर की गर्माहट महसूस करके थोड़ा असहज हो गया। प्रिया ने बैग रखा और अंदर आ गई। मां-पापा गांव गए हुए थे, तो घर में सिर्फ राहुल और प्रिया थे।

शाम को दोनों ने साथ खाना खाया। प्रिया ने राहुल से उसकी पढ़ाई और दोस्तों के बारे में पूछा। राहुल ने हिचकिचाते हुए बताया कि कॉलेज में लड़कियां हैं, लेकिन वह उनसे बात नहीं कर पाता। प्रिया ने उसकी ओर देखा और मुस्कुराई। “क्या बात है भाई? शर्मा क्यों रहा है? कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनी?”

राहुल ने सिर झुका लिया। “नहीं दीदी, मैं तो… कुछ समझ ही नहीं पाता।”

प्रिया ने उसका हाथ पकड़ा। “अरे, कुछ तो बता। क्या प्रॉब्लम है?”

राहुल ने आखिरकार कबूल किया। “दीदी, मैं… मैंने कभी किसी लड़की को छुआ तक नहीं। मन में तो बहुत कुछ आता है, लेकिन डर लगता है।”

प्रिया की आंखें चमकीं। वह जानती थी कि राहुल अब जवान हो चुका है। शादी के बाद उसे खुद कई बार अपने पति के साथ एक्सपेरिमेंट करने पड़े थे। वह सोचने लगी कि क्यों न अपने भाई को कुछ बेसिक्स सिखा दे। आखिर वह दीदी थी, और परिवार में सब कुछ शेयर होता है। “ठीक है राहुल, आज रात मैं तुझे कुछ सिखाती हूं। लेकिन वादा कर, किसी को नहीं बताएगा।”

राहुल हैरान हो गया। “क्या सिखाएंगी दीदी?”

प्रिया ने मुस्कुराते हुए कहा, “चोदना कैसे करना है, यही तो! तू तो मेरा छोटा भाई है, मैं तुझे सब सिखा दूंगी।”

राहुल का दिल धड़कने लगा। वह समझ नहीं पा रहा था कि दीदी मजाक कर रही है या सीरियस। लेकिन प्रिया ने उसका हाथ पकड़कर अपने कमरे में ले गई। कमरा पुराना था, लेकिन साफ-सुथरा। प्रिया ने दरवाजा बंद किया और लाइट डिम कर दी।

“पहले तो तू रिलैक्स हो जा,” प्रिया ने कहा। वह बिस्तर पर बैठ गई और राहुल को पास बुलाया। “मर्द बनना है तो डरना नहीं। लड़की का शरीर देखकर क्या करना है, वो सीख।”

प्रिया ने अपनी साड़ी का पल्लू सरका दिया। उसके ब्लाउज में उसके बड़े-बड़े स्तन उभरे हुए थे। राहुल की सांसें तेज हो गईं। “दीदी, ये… ये ठीक है न?”

“हां भाई, सब ठीक है। ये सिर्फ सीखने के लिए है।” प्रिया ने राहुल का हाथ लिया और अपने स्तन पर रख दिया। राहुल ने छुआ तो नरम गर्माहट महसूस हुई। उसके लंड में हलचल होने लगी। प्रिया ने देखा और हंस दी। “देख, तेरा लंड खड़ा हो गया। अच्छा संकेत है।”

राहुल शर्मा गया, लेकिन प्रिया ने उसकी शर्ट उतार दी। राहुल का शरीर पतला लेकिन मजबूत था। प्रिया ने अपनी साड़ी खोल दी और सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में रह गई। “अब तू छू। स्तनों को कैसे दबाना है, चूसना है।”

राहुल ने हिचकिचाते हुए उसके ब्लाउज के हुक खोले। प्रिया के गुलाबी ब्रा में उसके मम्मे बाहर आने को बेताब थे। प्रिया ने ब्रा उतार दी और राहुल को कहा, “चूस भाई, जैसे बच्चा दूध पीता है।”

राहुल ने प्रिया के एक स्तन को मुंह में लिया। निप्पल सख्त था, और वह चूसने लगा। प्रिया ने आह भरी। “हां, ऐसे ही। दांतों से हल्का काट।” राहुल ने वैसा किया, और प्रिया की सांसें तेज हो गईं। उसके हाथ राहुल के बालों में फिरने लगे।

कुछ मिनट बाद प्रिया ने राहुल को पीछे धकेला। “अब नीचे। पेटीकोट खोल।” राहुल ने पेटीकोट खोला, और प्रिया की पैंटी नजर आई। उसकी चूत पर हल्के बाल थे, और पैंटी गीली हो रही थी। “चूत को छू। उंगलियां डाल।”

राहुल ने पैंटी नीचे सरका दी। प्रिया की चूत गुलाबी और गीली थी। राहुल ने उंगली डाली तो प्रिया सिहर उठी। “धीरे-धीरे भाई। क्लिटोरिस को रगड़।” राहुल ने वैसा किया, और प्रिया की चीख निकल गई। “आह… हां, अच्छा लग रहा है।”

प्रिया ने राहुल की पैंट उतार दी। उसका लंड सीधा खड़ा था, मोटा और लंबा। प्रिया ने उसे पकड़ा और सहलाया। “अच्छा लंड है तेरा। अब देख, ब्लोजॉब कैसे देते हैं।” वह घुटनों पर बैठ गई और राहुल के लंड को मुंह में ले लिया। चूसने लगी, जीभ से चाटने लगी। राहुल के पैर कांपने लगे। “दीदी… आह… क्या कर रही हो।”

प्रिया ने कुछ सेकंड बाद छोड़ा। “अब तू मुझे चाट।” वह बिस्तर पर लेट गई और टांगें फैला दी। राहुल ने सिर नीचे किया और प्रिया की चूत को चाटने लगा। स्वाद नमकीन था, लेकिन उत्तेजक। प्रिया ने उसके सिर को दबाया। “हां भाई, जीभ अंदर डाल। क्लिट को चूस।”

राहुल ने वैसा किया, और प्रिया के शरीर में कंपन होने लगा। वह कराह रही थी। “बस अब… चोद मुझे। लंड डाल।”

राहुल ऊपर चढ़ा। प्रिया ने अपना हाथ नीचे किया और राहुल के लंड को अपनी चूत पर रगड़ा। “धीरे से डाल। पहली बार है न।” राहुल ने धक्का दिया, और लंड अंदर सरका गया। प्रिया की चूत गर्म और टाइट थी। राहुल ने धीरे-धीरे पेलना शुरू किया।

“आह… हां भाई, ऐसे ही। तेज कर।” प्रिया ने कमर हिलाई। राहुल ने स्पीड बढ़ाई। कमरे में ताली बजने की आवाज आने लगी। प्रिया के मम्मे उछल रहे थे। राहुल ने उन्हें पकड़ लिया और चोदता रहा।

कुछ मिनट बाद प्रिया ने पोजीशन बदली। “अब डॉगी स्टाइल।” वह घुटनों पर आ गई, गांड ऊपर की। राहुल ने पीछे से लंड डाला। प्रिया की गांड गोल और मोटी थी। वह जोर-जोर से धक्के मारने लगा। प्रिया चिल्ला रही थी, “चोद भाई, जोर से चोद अपनी दीदी को।”

राहुल का पसीना बह रहा था। वह कभी नहीं सोच सका था कि दीदी के साथ ऐसा होगा। प्रिया ने पीछे मुड़कर कहा, “कंडोम यूज करना मत भूलना अगली बार। लेकिन आज तो मजा ले।”

अब प्रिया ऊपर आ गई। वह राहुल पर सवार हो गई और लंड पर कूदने लगी। उसके बाल उड़ रहे थे, स्तन लहरा रहे थे। राहुल नीचे से ऊपर धक्के मार रहा था। “दीदी… मैं… आ रहा हूं।”

“रुक, अंदर मत छोड़। बाहर निकाल।” प्रिया ने जल्दी से उतरकर लंड को हाथ में लिया और सहलाया। राहुल ने झड़ दिया, गर्म वीर्य प्रिया के पेट पर गिर गया। प्रिया ने मुस्कुराकर चाट लिया। “अच्छा था भाई।”

दोनों लेट गए, सांसें तेज। प्रिया ने राहुल को गले लगाया। “ये सिर्फ शुरुआत है। कल और सिखाऊंगी।”

अगली सुबह राहुल जागा तो प्रिया नहा रही थी। वह अंदर गया और देखा प्रिया नंगी खड़ी थी। पानी उसके शरीर पर बह रहा था। “आ जा भाई, साथ नहा।”

राहुल ने कपड़े उतारे और अंदर आ गया। प्रिया ने साबुन लगाया उसके लंड पर। फिर से वह खड़ा हो गया। “अब शावर सेक्स ट्राई करें।” प्रिया ने दीवार से सटा लिया और टांगें फैलाईं। राहुल ने लंड डाला और चोदना शुरू किया। पानी की धार के नीचे दोनों गीले होकर पेल रहे थे। प्रिया की चीखें बाथरूम में गूंज रही थीं।

“भाई, कसकर पकड़। गांड भी चोद सकता है।” प्रिया ने कहा। राहुल ने उंगली से उसकी गांड छुई। प्रिया ने थोड़ा तेल लगाया और राहुल को कहा, “धीरे डाल।”

राहुल ने लंड प्रिया की गांड में डाला। टाइट था, लेकिन प्रिया ने सहन किया। “आह… दर्द हो रहा है, लेकिन मजा भी। जोर से।” राहुल ने धक्के मारे। प्रिया की गांड लहरा रही थी।

फिर दोनों बाहर आए। प्रिया ने राहुल को किचन में बुलाया। “यहां भी ट्राई करें।” वह काउंटर पर झुकी और राहुल ने पीछे से चोदा। खाना बनाते हुए प्रिया कराह रही थी।

दिन भर ऐसे ही चले। शाम को प्रिया ने राहुल को बांध दिया। “BDSM ट्राई कर।” वह हल्के रस्सी से बांधा और चाबुक से हल्का मारा। फिर राहुल ने प्रिया को चोदा।

रात को फिर बेड पर। प्रिया ने विभिन्न पोजीशन्स सिखाईं – मिशनरी, काउगर्ल, रिवर्स काउगर्ल। राहुल अब कॉन्फिडेंट हो गया था। वह प्रिया की चूत को जोर-जोर से पेल रहा था। प्रिया कई बार झड़ी, उसकी चूत से पानी निकल रहा था।

“भाई, अब तू तैयार है। किसी लड़की को चोद सकता है। लेकिन याद रख, कंसेंट लेना।” प्रिया ने कहा।

राहुल ने प्रिया को किस किया। “थैंक यू दीदी। ये सब कुछ भूल न जाऊंगा।”

प्रिया के जाने के बाद राहुल बदल गया। कॉलेज में वह लड़कियों से बात करने लगा। लेकिन उसके मन में हमेशा दीदी की याद रहती। कभी-कभी वह फोन पर प्रिया से बात करता और पुरानी यादें ताजा करता।

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