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Chhoti Bahan Ko Choda Didi Jija Ne Milkar | छोटी बहन को चोदा

Published On: March 23, 2026
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Chhoti Bahan Ko Choda Didi Jija Ne Milkar – रात का समय था, घर की उस छोटी सी कोठरी में जहां दीदी और जिजा रहते थे। छोटी बहन, नाम था नेहा, 18 साल की मासूम सी लड़की, आज दीदी के बुलावे पर आई थी। दीदी ने कहा था, ‘आजा नेहा, कुछ बात करनी है।’ नेहा का दिल धड़क रहा था, अंदर से एक अजीब सी उत्तेजना महसूस हो रही थी। वह जानती थी कि दीदी और जिजा के बीच कुछ खास रिश्ता है, जो परिवार के बाहर जाता है। जिजा, राकेश, मजबूत कद-काठी वाला 28 साल का आदमी, नेहा को देखते ही मुस्कुराया, उसकी आंखों में भूख साफ झलक रही थी।

नेहा की नजरें नीची थीं, लेकिन दीदी, प्रिया, 25 साल की सेक्सी औरत, ने उसे कंधे से छुआ। ‘क्या हुआ नेहा? इतनी शरमा क्यों रही हो?’ प्रिया की आवाज मीठी लेकिन दबंग थी। नेहा ने सोचा, ‘दीदी इतनी करीब क्यों आ रही हैं? उनका हाथ मेरी कमर पर…’ राकेश ने दरवाजा बंद किया और पास आ गया। ‘हां नेहा, हम तुझे कुछ सिखाना चाहते हैं। परिवार में ऐसे राज होते हैं जो बाहर नहीं बताए जाते।’

प्रिया ने नेहा को बिस्तर पर बिठाया। नेहा का शरीर नाजुक था, छोटे-छोटे स्तन, पतली कमर, और गोरी त्वचा जो छूने को बुला रही थी। प्रिया का हाथ नेहा की जांघ पर फिसला। ‘तुम्हारी बॉडी कितनी सॉफ्ट है, नेहा। देखो, जिजा भी देख रहे हैं।’ नेहा की सांस तेज हो गई। ‘दीदी, ये क्या… मैं…’ लेकिन प्रिया ने उसके होंठ पर उंगली रख दी। राकेश ने नेहा की साड़ी की चोली को धीरे से खींचा, उसके गुप्त अंगों की ओर नजरें टिकाईं। ‘तेरी चूत कितनी टाइट लग रही है, नेहा। मैं इसे छूना चाहता हूं।’

नेहा की हिचकिचाहट बढ़ रही थी, लेकिन अंदर की कामुकता जाग रही थी। ‘नहीं जिजा, ये गलत है… हम रिश्तेदार हैं।’ प्रिया हंस पड़ी। ‘गलत? ये तो सबसे प्यारा रिश्ता है, नेहा। आओ, मुझे छूने दो।’ प्रिया ने नेहा के स्तनों को सहलाया, निप्पल्स को उंगली से मसला। नेहा की चूत गीली हो गई। राकेश ने नेहा की साड़ी ऊपर चढ़ाई और अपनी उंगली उसकी चूत पर रगड़ी। ‘देख, कितनी वेट हो गई है तू। तुझे भी मजा आएगा।’

अब नेहा की हिचक टूटने लगी। प्रिया ने उसके गाल पर किस किया, फिर गर्दन पर। ‘तुम्हारी स्किन कितनी स्मूद है।’ राकेश ने नेहा को पीछे धकेला और उसके होंठ चूमने लगा। नेहा ने विरोध किया लेकिन जल्दी ही उसके होंठ खुल गए। प्रिया ने नेहा के कपड़े उतार दिए, नंगी बॉडी को देखा। ‘कितनी हॉट है तू, नेहा।’ तीनों एक-दूसरे को छूने लगे। नेहा ने सोचा, ‘ये पाप है, लेकिन इतना अच्छा क्यों लग रहा है?’

राकेश का लंड कड़क हो चुका था। वह नेहा को उल्टा लिटाया। ‘अब तेरी गांड चोदूंगा, नेहा। धीरे-धीरे।’ नेहा डर गई लेकिन प्रिया ने उसके स्तनों को मुंह में लिया, चूसने लगी। ‘आराम से नेहा, जिजा का लंड बड़ा है लेकिन मजा देगा।’ राकेश ने अपनी लार से नेहा की गांड को गीला किया, फिर लंड का सिरा दबाया। नेहा चीखी, ‘आह… दर्द हो रहा है जिजा!’ लेकिन प्रिया ने उसके निप्पल्स को काटा, दर्द को भुला दिया। राकेश धीरे-धीरे अंदर घुसा, नेहा की गांड टाइट थी, लंड को निचोड़ रही थी।

‘फक, कितनी टाइट गांड है तेरी!’ राकेश ने ठप्पा मारा। नेहा की आंखों में आंसू थे लेकिन मजा भी आ रहा था। प्रिया ने नेहा की चूत में उंगली डाली, ‘देख, तेरी चूत भी बह रही है।’ नेहा कराहने लगी, ‘दीदी… जिजा… और…’ तीनों का टैबू रिश्ता गहरा हो रहा था। राकेश तेजी से चोदने लगा, प्रिया के स्तन नेहा के मुंह में। कामुकता चरम पर थी, पसीना, सांसें, और चीखें कमरे में गूंज रही थीं।

नेहा ने प्रिया को चूमा, ‘दीदी, ये इतना गलत क्यों नहीं लग रहा?’ प्रिया मुस्कुराई, ‘क्योंकि ये हमारा राज है।’ राकेश ने नेहा की गांड में और जोर से धक्का दिया, ‘अब तू हमारी हो गई, नेहा।’ लेकिन अभी और कुछ बाकी था, उनकी रात लंबी थी।

 

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